2024-07-13T19:57:37
रमज़ान के समाप्त होते ही एक मुस्लिम पर शैतान का आक्रमण सख्त हो जाता है, लेकिन अल्लाह के नेक बन्दों पर उसका दाव नहीं चल सकता, कि वे हर स्थिति में अल्लाह से अपना सम्बन्ध जोड़े होते हैं। अतः रमज़ान के समाप्त होते ही अल्लाह के बन्दे शव्वाल के 6 रोज़े रखना शुरू कर देते हैं और […]
2024-07-12T18:39:25
Originally posted 2024-03-03 18:01:15. रोज़ा की समाप्ति पर अल्लाह तआला ने मुसलमानों के लिए हर्ष एवं उल्लास का एक दिन निर्धारित किया है जिसे “ईदुल फित्र” कहते हैं जो कि वास्तव में रमज़ान में अल्लाह तआला की आज्ञाकारी की तौफीक़ मिलने का शुकराना है। ईद का इतिहासः हज़रत अनस रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं कि […]
2024-07-12T18:39:24
Originally posted 2024-03-02 16:57:00. रमज़ान के अन्तिम दस दिन रमज़ान का सारांश और सार हैं, इन दिनों की रातें सोने की नहीं अपितु इबादत करने की हैं, इस लिए इन दस दिनों में ज़्यादा से ज़्यादा उपासनाओं और प्रार्थनाओं मे व्यस्त रहना चाहिए। हज़रत आइशा रजि0 कहती हैं किः كان رسول الله صلى الله عليه […]
2024-07-12T18:39:23
Originally posted 2024-03-01 16:33:40. रोज़ा रखनाः रमज़ान के कामों में सब से उत्तम काम रोज़ा रखना हैः अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः من صام رمضان إيماناً و احتساباً غفر له ما تقدم من ذنبه رواه البخاري ومسلم ” जिसने ईमान और सवाब की नीयत से रमज़ान के रोज़े रखा उसके […]
2024-07-12T18:39:22
Originally posted 2024-02-29 16:24:40. निम्न में हम उन ग़लतियों की ओर संकेत कर रहे हैं जो रोज़ा के अहकाम से अज्ञानता के कारण रोज़ेदारों से होती रहती हैं: (1) कुछ रोज़ेदार सहरी पहले ही समय में करते हैं हालांकि सुन्नत का तरीक़ा यह है कि सहरी ताख़ीर से की जाए और इफ़तार सूर्यास्त के तुरन्त […]
2024-07-12T18:39:21
Originally posted 2024-02-28 16:01:41. विज्ञान के इस आधुनिक युग में इस्लामी उपवास के विभिन्न आध्यात्मिक, सामाजिक, शारीरिक, मानसिक तथा नैतिक लाभ सिद्ध किए गए हैं। जिन्हें संक्षिप्त में बयान किया जा रहा है। आध्यात्मिक लाभः (1) इस्लाम में रोजा का मूल उद्देश्य ईश्वरीय आज्ञापालन और ईश-भय है, इसके द्वारा एक व्यक्ति को इस योग्य बनाया जाता […]
2024-07-12T18:39:20
Originally posted 2024-02-27 15:52:27. जीविका और आर्थिक समृद्धि की समस्या उन समस्याओं में से एक है जिसने आज लोगों की निंद हराम कर रखी है, इंसान सुबह सवेरे अपने आराम को छोड़ कर घर से निकलता है ताकि अपने परिवार के लिए उत्तम जीविका की व्यवस्था कर सके, उन्हें सुखी जीवन प्रदान कर सके, वह […]
2024-07-12T18:39:19
Originally posted 2024-02-26 15:46:46. ‘काबा’ किबला हैं अर्थात वह दिशा जिधर मुसलमान नमाज़ के समय अपने चेहरे का रूख करते हैं। जब तक अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मक्का में रहे काबा की दिशा में अपने चेहरे का रुख कर के नमाज पढ़ते रहे परन्तु हिजरत के बाद जब आप मदीना आये तो […]
2024-07-12T18:39:18
Originally posted 2024-02-25 15:26:55. आधुनिक युग का सब से स्वादिष्ट मांस अपने भाई का मांस खाना है अर्थात् अपने भाई की पीठ पीछे उसके दोषों को बयान करना है, इस सिलसिले के दूसरे भाग में हम ग़ीबत से बचाव के उपाये प्रस्तुत करेंगे तथा उन स्थितियों पर भी प्रकाश डालेंगे जिन में ग़ीबत करनी जायेज़ होती हैं: […]
2024-07-12T18:39:17
Originally posted 2024-02-24 14:57:12. एक यहूदी सेना के प्रमुख ने नमाज़े फजर के सम्बन्ध में कहा था: “मुसलमान हम पर उस समय विजय प्राप्त कर सकते हैं जब उनकी संख्या सुबह की नमाज़ में इतनी ही हो जाये जितनी फ़जर की नमाज़ में होती है”. नमाज़ इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक स्तंभ और […]
2024-07-12T18:39:16
Originally posted 2024-02-23 14:32:26. अधिकांश लोग अपने खाने में सब से ज्यादा मांस पसंद करते हैं, और यदि मांस का सेवन सामूहिक रूप में हो तो उसका स्वाद कुछ ज्यादा ही होता है, लेकिन यही मांस यदि बासी हो या उसमें सड़ांध पैदा हो चुका हो, या अवैध पशु का हो तो इनसानी स्वभाव […]
2024-07-12T18:39:15
Originally posted 2024-02-22 14:19:10. अल्लाह के रसूल सल्ल. ने हज़रत आइशा रज़ी. से कम उमरी में शादी क्यों की… इस के पीछे अल्लाह के रसूल सल्ल.की क्या हिकमत थी …इस विषय पर इस लेख में प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है। मुहम्मद सल्ल. के वैवाहिक जीवन पर एक नज़र डालने से कुछ बातें उभर […]
2024-07-12T18:39:14
Originally posted 2024-02-21 14:02:14. जिस प्रकार एक कम्पनी कोई एलेक्ट्रानिक सामान बनाती है तो उसके प्रयोग करने हेतु एक गाइड बुक भी देती है, उसी प्रकार अल्लाह ने ब्रह्मांड के एक भाग ज़मीन पर मानव का एक जोड़ा बसाया और उसे सारी सृष्टि पर प्रधानता प्रदान की तो उसकी पैदाइस का उद्देश्य क्या था इसे […]
2024-07-12T18:39:13
Originally posted 2024-02-20 13:35:06. इस्लाम एक विश्वव्यापी धर्म है, हर दौर में इस्लाम के मानने वालों ने दुनिया वालों के सामने इस्लाम का नमूना पेश किया तो मानवता ने उनके प्रक्रिया और किरदार से प्रभावित हो कर इस्लाम को गले लगाया. लेकिन आज इस्लाम के सपूत इस्लामी शिक्षाओं से दूर होते जा रहे हैं, इस्लामी […]
2024-07-12T18:39:12
Originally posted 2024-02-19 12:36:52. संभव है कि आप इस लेख को अपने घर में बैठ कर पढ़ रहे हों, या कार्यालय में बैठे इसका अध्ययन कर रहे हों, आप जहां कहीं भी हों… रात में अपने बिस्तर पर अवश्य आएंगे. अपने मन में जरा एक दृष्टि अपने कमरे और बिस्तर पर डाल लें, फिर हमारे […]
2024-07-12T18:39:11
Originally posted 2024-02-18 12:18:08. हम में से हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक रोल मॉडल (Rool Model) की आवश्यकता होती है जिसे वह अपनी ज़िंदगी के प्रत्येक विभाग में आदर्श बना सके, इबादत करने का मामला हो, या आत्मा की शुद्धि की बात हो, पारिवारिक संबंध की दृढ़ता हो या समाजिस समस्याओं के […]
2024-07-12T18:39:10
Originally posted 2024-02-17 11:22:56. लेखकः सफात आलम तैमी मदनी अल्लाह ने रोज़ी का वितरण अपने हाथ में रखा है, कुछ लोगों को अधिक से अधिक दिया तो कुछ लोगों को कम से कम, हर युग में और हर समाज में मालदारा और गरीब दोनों का वजूद रहा है, सवाल यह है कि आखिर अल्लाह ने […]
2024-07-12T18:39:09
Originally posted 2024-02-16 11:12:42. शिफाअत के विषय को मुस्लिम समाज में बहुत कम समझने की कोशिश हुई है किसके कारण इस सम्बन्ध में विभिन्न प्रकार के संदेह पाए जाते हैं,शिफाअत की वास्तविकता क्या है? दुनिया और आख़िरत में शिफाअत कब और कैसे जाएज़ है? शिफ़ाअत की कितनी सूरतें हैं? कल क्यामत के दिन अल्लाह के रसूल की […]
2024-07-12T18:39:08
Originally posted 2024-02-15 10:40:07. हम अपने मालिक और सृष्टिकर्ता को तौहीदे रुबूबियत, तौहीदे उलूहियत और तौहीदे अस्मा व सिफ़ात के माध्यम से पहचान सकते हैं। क्योंकि प्रत्येक मानव पर अनिवार्य है कि वह अपने मालिक और सृष्टिकर्ता की पहचान प्राप्त करने की कोशिश करे और अपने मालिक की पहचान प्राप्त करने के बाद केवल उसकी […]
2024-07-12T18:39:07
Originally posted 2024-02-14 10:11:28. जहन्नम सरकशों का घर, अपराधियों का निवास , और अत्याचारियों का आवास होगा।, लोग यहाँ चींखेंगे पुकारेंगे, यहां दहकती हुई आग होगी, यहां ओढ़ना बिछौना आग का होगा, इस आग को भड़काने के लिए कोयला, लकड़ी और पेट्रौल आदि की आवश्यकता न होगी बल्कि कुफ्फ़ार और मुश्रेकीन , पापियों और अवज्ञाकारों […]